प्राचीन इतिहास अध्याय

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NCERT – प्राचीन भारत का इतिहास

Table of Contents

📚 NCERT के अनुसार – प्राचीन भारत का इतिहास

1. 🏛️ सिंधु घाटी सभ्यता (c. 3300–1900 ई.पू.)

  • उन्नत शहर-योजनाएँ, जल निकासी, सार्वजनिक कुएँ और स्नानागार – जैसे मोहनजोदड़ो, हड़प्पा, धारोहर आदि
  • कृषि, पशु पालन, धातु कला, व्यापार (स्थानीय और समुद्री मार्ग)

2. 🪶 वैदिक काल (1500–600 ई.पू.)

  • ऋग्वेद, याजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद की रचना—हिंदू धर्म की नींव
  • सामाजिक संरचना – वर्ण व्यवस्था (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र)
  • व्रज-जातिकाल का अंत, महाजनपदों का उभार (16 महाजनपद)

3. 🛡️ मगध, नंद और प्रारंभिक साम्राज्य

  • 16 महाजनपदों में मगध का उदय, लोहे के उपयोग से कृषि एवं औद्योगिक विकास
  • नंद वंश और उनके केन्द्रित प्रशासन का विकास

4. 🤴 मौर्य साम्राज्य (322–185 ई.पू.)

  • चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा स्थापना, चाणक्य/कौटिल्य की सहायता, 'अर्थशास्त्र'
  • धर्मराज अशोक: कलिंग युद्ध, बौद्ध धर्म अपनाना, धर्मादेश, पिला-शिलालेख एवं प्रशासनिक एकता
  • विदेशी दूतों (जैसे मेगस्थनीज़), राजधानियाँ: पाटलिपुत्र, तक्षशिला, उज्जयिनी

5. 📿 बौद्ध, जैन दर्शन और वैदिक-शास्त्रीय परंपराएं (c. 600–300 ई.पू.)

  • महावीर (जैन धर्म), गौतम बुद्ध (बौद्ध धर्म), उपनिषदों, ब्राह्मणों का विकास
  • रणनीतिक सामाजिक और धार्मिक परिवर्तन, समावेशी सामाजिक दृष्टिकोण ।

6. 🏰 गुप्त साम्राज्य (c. 320–550 ई.पू.)

  • चंद्रगुप्त I, समुद्रगुप्त, चंद्रगुप्त II – 'स्वर्ण युग' कला, साहित्य, विज्ञान, अंकगणित में विकास
  • कलिदास, आर्यभट्ट, वाराहमिहिर, नालंदा विश्वविद्यालय
  • स्कल्प्चर, मंदिर, अजंता-पुलकेश्वर चित्रकला, लौह स्तंभ

7. 🏹 उत्तर-गुप्त एवं पश्चात साम्राज्य

  • हुण, राष्ट्रकूट, पाल वंश, मोऋखर, मलवा, हास् वर्धन का उदय – भारतीय उपमहाद्वीप में विभेदन काल

8. 🌿 दक्षिण भारतीय राजवंश

  • चोल, पांड्य, चालुक्य, पल्लव – व्यापार, साहित्य, वास्तुकला (महाबलीपुरम, ठप्पान सम्राट), समुद्री संपर्क

9. 🖼️ कला, साहित्य, विज्ञान और शिक्षा

  • महाभारत, रामायण, पुराण, उपनिषद, जाटक कथाएँ – सांस्कृतिक साहित्य
  • देवस्थान, मठ, विश्वविद्यालय—नालंदा, तक्षशिला और अन्य केंद्र।
  • वैज्ञानिक योगदान: आर्यभट्ट (ज्यामिति, त्रिकोणमिति), चरक, सुश्रुत (चिकित्सा), लौह स्तंभ

10. 🌐 व्यापार, संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय संपर्क

  • उत्तरी भारत में आंतरिक व्यापार, दक्षिण-पूर्व तथा पश्चिमी सीमाओं से समुद्री मार्ग
  • मौद्रिक प्रणाली – पंच-मार्क सिक्के, सुन चांदी चिह्न, तांबे की मुद्रा
काल / वंशसमय-सीमा
सिंधु घाटी सभ्यता3300–1900 ई.पू.
वैदिक काल1500–600 ई.पू.
महाजनपद व प्रारंभिक साम्राज्य600–322 ई.पू.
मौर्य साम्राज्य322–185 ई. पू.
बौद्ध-जैन आंदोलन600–300 ई.पू.
गुप्त साम्राज्य320–550 ई.पू.
पश्चात गुप्त काल व छोटे राजवंश550–650 ई.पू.
दक्षिणीय राजवंश300 ई.पू.–650 ई.पू.
NCERT – प्राचीन भारत का इतिहास (विस्तारित)

📚 NCERT के अनुसार – प्राचीन भारत का इतिहास (विस्तारित)

11. 🏛️ कला और वास्तुकला
  • मौर्य काल: शिलापट्ट जैसे अशोक स्तंभ, सांची और सारनाथ स्तूप; मानव-आकृति की मूर्तियां
  • स्कूल ऑफ़ आर्ट: गांधारा, मथुरा, अमरावती व सारनाथ; गुफा मंदिर जैसे अजंता–एल्लोरा, भद्रयानी चेरीपुत आदि
12. 🎓 शिक्षा और विश्वविद्यालय
  • तक्षशिला: मौर्य राजाओं के लिए शिक्षा का केंद्र, चाणक्य, बुद्धिजीवियों का निवास
  • नालंदा व विक्रमशिला: विदेशों तक प्रसिद्ध, चीनी यात्री ह्युएन त्सांग का आदर्श केंद्र
13. 📜 शिलालेख एवं मुद्राएं
  • गधवा शिलालेख: गुप्त युग की दान‑संस्थाओं का प्रमाण, अंक लेखन द्वारा सफल आर्थिक व्यवस्था
  • कॉपर-पीट प्लेट: कानूनी अभिलेख, दक्षिण भारत के पाल भाव से संग्रहित
  • पंच-मार्क्ड सिक्के (कार्शपना): 6वीं सदी ई.पू. से प्रारंभ, व्यापार में क्रांति
14. 🔬 विज्ञान, गणित और चिकित्सा
  • गणित: दशांश प्रणाली, शून्य की खोज, त्रिकोणमिति (आयार्यभट्ट, वराहमिहिर)
  • खगोल विज्ञान: ग्रहों के अध्ययन, खगोलीय घटनाओं की गणना, पृथ्वी की परिक्रमा की अवधारणा
  • चिकित्सा: चरक‑संहित और सुश्रुत‑संहित, शल्यचिकित्सा और आयुर्वेद की बारीक व्यवस्था
  • भारतीय लोहे की कला: वूट्ज़ इस्पात का उत्पादन, अचूक आयरन पिलर की तकनीकी उपलब्धि
15. 🌐 व्यापार, संस्कृति एवं अंतर्राष्ट्रीय संपर्क
  • पंच-मार्क्ड सिक्का प्रणाली से व्यापार का विकास; समुद्री मार्ग के माध्यम से विदेशों तक व्यापार विस्तार
  • छायाग्राही रस, टेक्सटाइल थोक निर्यात; व्यापारी-गिल्ड एवं अधिनियमित कर प्रणाली
16. 🧠 ब्रह्मचर्य, दर्शन व धर्म
  • पाणिनि का व्याकरण (अष्टाध्यायी) – भाषाविज्ञान की नींव
  • वैदिक, बौद्ध, जैन धर्मों का उदय; वैदिक-शास्त्रीय समाज के नैतिक व सांस्कृतिक बदलाव
17. 🔍 विशेष स्थान
  • आर्य भूगोल और खगोलिक गवेषण – जैसे ढोलावीरा में संभावित ज्योतिष वेधशाला
  • सूर्य पूजा की परंपरा: हरप्पा से गुप्त युग तक, देवालय और मंदिर
NCERT – प्राचीन भारत का इतिहास (विस्तारित)

📚 NCERT के अनुसार – प्राचीन भारत का इतिहास (विस्तारित)

1. 🏙️ सिंधु घाटी सभ्यता का प्रमुख नगर – मोहनजोदड़ो

सिंधु घाटी सभ्यता का प्रमुख नगर मोहनजोदड़ो था, जो वर्तमान पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित है। यह नगर लगभग 2600 ईसा पूर्व में विकसित हुआ था और इसे इस सभ्यता के सबसे सुनियोजित एवं विकसित नगरों में से एक माना जाता है।

मोहनजोदड़ो का शाब्दिक अर्थ है "मृतकों का टीला"। यहाँ की नगर योजना अद्वितीय थी—सीधी सड़कों का जाल, पक्के ईंटों से बने मकान, एक उत्कृष्ट जल निकासी प्रणाली, सार्वजनिक स्नानागार, और अनाज भंडारण के भव्य भवन इस नगर की विशिष्ट विशेषताएँ थीं।

नगर का सबसे प्रसिद्ध अवशेष है ‘महान स्नानागार’ (Great Bath), जो ईंटों से निर्मित एक बड़ा जलाशय था। ऐसा माना जाता है कि इसका उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों या सामाजिक कार्यक्रमों के लिए किया जाता था।

मोहनजोदड़ो की खुदाई से अनेक मूर्तियाँ, मुहरें, धातु की वस्तुएँ और लिपि प्राप्त हुई हैं, जो उस समय की समृद्ध संस्कृति, कला एवं तकनीकी उन्नति को दर्शाती हैं। यह नगर व्यापार, कृषि और प्रशासन का एक महत्त्वपूर्ण केंद्र था।

अपने सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के कारण यूनेस्को ने मोहनजोदड़ो को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी है।

NCERT – हड़प्पा सभ्यता में जल निकासी व्यवस्था

📚 NCERT के अनुसार – प्राचीन भारत का इतिहास (विस्तारित)

2. 🚰 हड़प्पा सभ्यता में जल निकासी की व्यवस्था

हड़प्पा सभ्यता की सबसे उल्लेखनीय विशेषताओं में से एक थी इसकी उन्नत और संगठित जल निकासी प्रणाली। यह प्राचीन नगर नियोजन का एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करती है, जो आधुनिक नगरों को भी प्रेरणा देती है।

इस सभ्यता के नगरों में हर घर को स्वतंत्र जल निकासी नाली से जोड़ा गया था। ये नालियाँ पक्की ईंटों से बनी थीं और उन्हें ढकने के लिए स्लैब्स का प्रयोग किया जाता था, जिससे सफाई और सुरक्षा सुनिश्चित होती थी।

सभी घरों से निकलने वाला पानी सार्वजनिक नालियों में प्रवाहित होता था, जो नगर की सड़कों के किनारे-किनारे व्यवस्थित रूप से बनाई गई थीं। ये मुख्य नालियाँ ढलान के अनुसार बनाई जाती थीं ताकि जल का प्रवाह स्वाभाविक रूप से हो सके।

कई स्थानों पर सेप्टिक टैंक-जैसी संरचनाएँ भी पाई गई हैं, जहाँ पानी को फिल्टर कर बाहर भेजा जाता था। यह प्रदर्शित करता है कि हड़प्पा के लोग स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय संतुलन के प्रति सजग थे।

सिंधु घाटी सभ्यता की यह जल निकासी व्यवस्था दर्शाती है कि 2500 ईसा पूर्व के आसपास भी भारत में नगर नियोजन और सार्वजनिक स्वच्छता के प्रति अत्यंत जागरूकता थी।

वैदिक सभ्यता का प्रमुख ग्रंथ

📚 NCERT के अनुसार – वैदिक सभ्यता और उसका प्रमुख ग्रंथ

3. 📖 वैदिक सभ्यता का प्रमुख ग्रंथ – ऋग्वेद

वैदिक सभ्यता का सबसे प्राचीन और प्रमुख ग्रंथ ऋग्वेद है। इसे संस्कृत भाषा में रचित सबसे प्राचीन साहित्य माना जाता है और यह भारत की वैदिक संस्कृति, धर्म, समाज और ज्ञान की मूलधारा को दर्शाता है।

ऋग्वेद में कुल 1,028 ऋचाएँ (मंत्र) हैं, जो 10 मंडलों में विभाजित हैं। इनमें प्रमुख देवताओं जैसे इंद्र, अग्नि, वरुण, सोम आदि की स्तुति की गई है। ये मंत्र यज्ञों में उच्चारित किए जाते थे और इनका सामाजिक तथा धार्मिक जीवन में अत्यंत महत्व था।

ऋग्वेद केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह तत्कालीन समाज, कृषि, पशुपालन, युद्ध, राजनीति और अर्थव्यवस्था के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है। इससे यह अनुमान लगाया जाता है कि वैदिक समाज घुमंतू से कृषक और संगठित समाज की ओर अग्रसर हो रहा था।

ऋग्वेद की रचना लगभग 1500 ईसा पूर्वविश्व के सबसे प्राचीन ग्रंथों में से एक है।

ऋग्वेद में वर्णित प्रमुख देवता

📚 NCERT के अनुसार – वैदिक धर्म और देवता

4. 🔱 ऋग्वेद में वर्णित प्रमुख देवता

ऋग्वेद में अनेक देवताओं की स्तुति की गई है, जिन्हें प्रकृति से संबंधित शक्तियों के रूप में पूजा गया। ये देवता मुख्यतः तीन वर्गों में विभाजित हैं: आकाशीय, वायुमंडलीय और पृथ्वी संबंधी देवता। नीचे प्रमुख देवताओं का विवरण दिया गया है:

  • 1. इंद्र (वर्षा और युद्ध के देवता): ऋग्वेद के सबसे प्रमुख देवता। उन्हें वज्रधारी कहा गया है और वे असुर वृत्र का संहार करते हैं।
  • 2. अग्नि (अग्निदेव): यज्ञों के माध्यम से देवताओं और मनुष्यों के बीच दूत माने जाते हैं। हर वैदिक यज्ञ में इनका आवाहन होता है।
  • 3. वरुण (न्याय और जल के देवता): ऋत (ऋतु/नैतिक व्यवस्था) के रक्षक, जो पापों का दंड देते हैं।
  • 4. वायु (पवन देव): वायु के अधिपति, प्राणशक्ति के प्रतीक।
  • 5. सोम: सोम एक पौधा भी है और देवता भी, जिन्हें अमृत का द्रव्य कहा गया। उन्हें पीकर देवता शक्तिशाली होते हैं।
  • 6. सूर्य (सविता): प्रकाश और जीवन के स्रोत, उन्हें ऋग्वेद में सर्वव्यापी और शुभकारी बताया गया है।
  • 7. उषा (प्रभात की देवी): नारी रूप में वर्णित, जो अंधकार को हटाकर प्रकाश लाती हैं।
  • 8. पृथ्वी और द्यौस्: भूमि और आकाश के प्रतीक, जिन्हें माता-पिता के रूप में वर्णित किया गया है।

ऋग्वेद में इन देवताओं की स्तुति मंत्रों के माध्यम से की गई, जिनमें प्रकृति के प्रति गहन श्रद्धा, भय और कृतज्ञता प्रकट होती है। देवताओं की यह अवधारणा वैदिक संस्कृति की धार्मिक सोच और जीवन-दर्शन को दर्शाती है।

महाजनपदों की संख्या

📚 NCERT के अनुसार – प्राचीन भारत में राजनीतिक विकास

5. 🏰 महाजनपदों की संख्या

वैदिक काल के पश्चात भारत में जन और जनपदों का विकास हुआ, जो आगे चलकर महाजनपद कहलाए। इनका उल्लेख बौद्ध ग्रंथों जैसे अंगुत्तर निकाय तथा जैन ग्रंथों में भी मिलता है।

महाजनपदों की कुल संख्या: 16

ये 16 महाजनपद उत्तर भारत और पूर्वी भारत में फैले हुए थे। इनका उदय छठी शताब्दी ईसा पूर्व के समय हुआ और यहीं से भारत में राजनैतिक एकीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ होती है। कुछ प्रमुख महाजनपद इस प्रकार हैं:

  • 1. मगध – सबसे शक्तिशाली महाजनपद, जिससे मौर्य साम्राज्य का उदय हुआ।
  • 2. कोशल – वर्तमान उत्तर प्रदेश का क्षेत्र। राजा प्रसेनजित इसके प्रसिद्ध शासक थे।
  • 3. वत्स – इसकी राजधानी कौशांबी थी।
  • 4. अवंति – पश्चिमी भारत में स्थित, उज्जयिनी इसकी राजधानी थी।
  • 5. कुरु – वैदिक काल के प्रसिद्ध राजवंश का विकास इसी क्षेत्र में हुआ।
  • 6. पंचाल – विद्या, संस्कृति और युद्धकला के लिए प्रसिद्ध।
  • 7. अंगा, मल्ल, शूरसेन, गांधार आदि भी महत्वपूर्ण महाजनपदों में शामिल थे।

इन महाजनपदों में से कुछ राज्यतंत्र थे और कुछ गणतांत्रिक व्यवस्था

बुद्ध का पहला उपदेश

📚 NCERT के अनुसार – बौद्ध धर्म का आरंभ

6. 🕉️ बुद्ध ने अपना पहला उपदेश कहाँ दिया था?

गौतम बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया था, जो वर्तमान उत्तर प्रदेश के वाराणसी के पास स्थित है। इस ऐतिहासिक घटना को धर्मचक्र प्रवर्तन

यह उपदेश उन्होंने पाँच भिक्षुओं को दिया था, जो उनके पूर्व साथी थे। इनका नाम था: कोंडञ्ञ, वप्प, भद्दिय, महानाम और अस्सजि। इन पाँचों ने इस उपदेश को सुनकर बुद्ध की शिक्षा को स्वीकार किया और वे पहले संघ (संगठन) के सदस्य बने।

इस उपदेश में बुद्ध ने चार प्रमुख सिद्धांत बताए, जिन्हें चार आर्य सत्य (Four Noble Truths) कहा जाता है:

  1. दुख – जीवन में दुःख है।
  2. दुख समुद्धय – दुःख का कारण तृष्णा है।
  3. दुख निरोध – तृष्णा का अंत दुःख का अंत है।
  4. मार्ग – अष्टांगिक मार्ग ही दुःख से मुक्ति का उपाय है।

सारनाथ में दिए गए इस उपदेश के बाद से ही बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार प्रारंभ हुआ। यह स्थल आज भी एक महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थस्थल के रूप में जाना जाता है और यहाँ धमेख स्तूप स्थित है जो उस घटना की स्मृति में बना है।

जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर

📚 NCERT के अनुसार – जैन धर्म और तीर्थंकर परंपरा

7. 🧘‍♂️ जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर कौन थे?

जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर थे भगवान महावीर, जिनका मूल नाम था वर्धमान। उनका जन्म लगभग 599 ईसा पूर्व में कुंडग्राम (वर्तमान बिहार) में हुआ था। वे क्षत्रिय कुल से थे और उनका संबंध लिच्छवि वंश से था।

महावीर ने 30 वर्ष की आयु में संसार का त्याग कर दीक्षा ली और लगभग 12 वर्षों तक कठोर तपस्या और साधना की। अंततः उन्हें कैवल्य ज्ञान की प्राप्ति हुई और वे कहलाए, जिससे उनके अनुयायियों को "जैन" कहा गया।

उन्होंने अहिंसा, सत्य, अचौर्य, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह — इन पाँच महाव्रतों की शिक्षा दी। उनके अनुसार आत्मा की मुक्ति तभी संभव है जब जीव इन व्रतों का पालन करते हुए कर्मों से मुक्त हो जाए।

महावीर ने अपना धर्म प्राकृत भाषा में उपदेश दिया ताकि आम जनता भी उसे समझ सके। उन्होंने अपने विचारों का प्रचार जन-जन तक पहुँचाया और एक संगठित जैन संघ की स्थापना की।

उनका निर्वाण 527 ईसा पूर्व में पावापुरी (बिहार) में हुआ। वहाँ पर आज जलमंदिर एक प्रमुख तीर्थस्थल है।

विशेषताविवरण
तीर्थंकर क्रम24वें (अंतिम)
नामवर्धमान महावीर
जन्म स्थानकुंडग्राम, बिहार
ज्ञान प्राप्ति12 वर्ष की तपस्या के बाद
निर्वाणपावापुरी, 527 ईसा पूर्व
सिद्धांतपंच महाव्रत, आत्म-शुद्धि, अहिंसा पर बल
महावीर स्वामी का जन्म और निर्वाण

📚 NCERT के अनुसार – महावीर स्वामी का जीवन परिचय

8. 🌟 महावीर स्वामी का जन्म और निर्वाण

जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर, भगवान महावीर का जन्म लगभग 599 ईसा पूर्व में कुंडग्राम नामक स्थान पर हुआ था, जो वर्तमान बिहार राज्य के भागलपुर जिले के पास माना जाता है। उनके पिता का नाम सिद्धार्थ और माता का नाम त्रिशला था।

महावीर ने 30 वर्ष की आयु में संसार का त्याग कर तपस्या आरंभ की और लगभग 12 वर्षों की कठोर साधना के बाद कैवल्य ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य और अचौर्य के सिद्धांतों का प्रचार किया।

उनका निर्वाण लगभग 527 ईसा पूर्व में पावापुरी नामक स्थान पर हुआ, जो बिहार के औरंगाबाद जिले में स्थित है। पावापुरी आज भी जैन तीर्थयात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है।

घटनास्थानवर्ष (लगभग)
जन्मकुंडग्राम (बिहार)599 ईसा पूर्व
निर्वाणपावापुरी (बिहार)527 ईसा पूर्व
मौर्य साम्राज्य की स्थापना

📚 NCERT के अनुसार – मौर्य साम्राज्य का इतिहास

9. ⚔️ मौर्य साम्राज्य की स्थापना किसने की थी?

मौर्य साम्राज्य की स्थापना चंद्रगुप्त मौर्य ने की थी। उन्होंने लगभग 322 ईसा पूर्व में नंद वंश का अंत करके सत्ता संभाली और मौर्य साम्राज्य की नींव रखी।

चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने गुरु और सलाहकार चाणक्य (कौटिल्य) की मदद से एक विशाल और संगठित साम्राज्य का निर्माण किया। उनका शासनकाल भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है।

मौर्य साम्राज्य का विस्तार चंद्रगुप्त के बाद उनके पुत्र बिंदुसार और पोते अशोक के शासनकाल में और भी हुआ। अशोक के समय मौर्य साम्राज्य अपने चरम पर था।

मौर्य साम्राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र थी, जो वर्तमान पटना के क्षेत्र में स्थित है।

तथ्यविवरण
संस्थापकचंद्रगुप्त मौर्य
स्थापना वर्षलगभग 322 ईसा पूर्व
प्रमुख सलाहकारचाणक्य (कौटिल्य)
राजधानीपाटलिपुत्र
साम्राज्य का विस्तारबिंदुसार और अशोक के शासनकाल में
चाणक्य के अन्य नाम

📚 NCERT के अनुसार – चाणक्य के अन्य नाम

10. 🧠 चाणक्य को और किस नाम से जाना जाता है?

प्राचीन भारतीय इतिहास में चाणक्य को कई नामों से जाना जाता है, जिनमें प्रमुख हैं:

  • कौटिल्य – यह नाम उनके वंश या कुल के आधार पर प्रसिद्ध है।
  • विष्णु गुप्त – यह उनका व्यक्तिगत नाम माना जाता है।

चाणक्य ने महान राजनीतिक ग्रंथ अर्थशास्त्र की रचना की, जिसमें शासन, राजनीति, अर्थव्यवस्था, और प्रशासन के सिद्धांत बताए गए हैं। वे मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य के गुरु और सलाहकार थे।

नामविवरण
चाणक्यसामान्य रूप में प्रसिद्ध नाम
कौटिल्यकुल या वंश नाम
विष्णु गुप्तव्यक्तिगत नाम
अशोक के काल में प्रमुख धर्म

📚 NCERT के अनुसार – अशोक के काल में धर्म

11. 🕉️ अशोक के काल में कौन-सा धर्म सबसे अधिक फैला?

मौर्य सम्राट अशोक के शासनकाल में बौद्ध धर्म सबसे अधिक फैला। अशोक ने कालिंग युद्ध के बाद बौद्ध धर्म को अपनाया और इसके प्रचार-प्रसार में विशेष भूमिका निभाई।

उन्होंने अपने शिलालेखों (अशोक स्तंभों और चट्टान शिलालेखों) पर बौद्ध धर्म के सिद्धांतों, जैसे अहिंसा, करुणा, और धर्म की महत्ता को लिखवाया। अशोक ने विदेशों में बौद्ध मिशनों को भेजा, जिससे बौद्ध धर्म श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, और अन्य एशियाई देशों तक पहुँचा।

उनके शासनकाल में बौद्ध मठों और स्तूपों का निर्माण हुआ, जो बौद्ध धर्म के सांस्कृतिक और धार्मिक विकास का प्रतीक है।

तथ्यविवरण
प्रमुख धर्मबौद्ध धर्म
धर्म अपनाने का कारणकालिंग युद्ध के बाद अहिंसा की सीख
प्रचार-प्रसार के तरीकेशिलालेख, मिशनरियाँ, स्तूप और मठ निर्माण
अशोक और कलिंग युद्ध के बाद धर्म

📚 NCERT के अनुसार – अशोक और धर्म परिवर्तन

12. 🕉️ अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद किस धर्म को अपनाया?

मौर्य सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध (लगभग 261 ईसा पूर्व) के बाद बौद्ध धर्म को अपनाया। इस युद्ध में भारी जनहानि और रक्तपात देखकर अशोक ने अहिंसा और करुणा के मार्ग पर चलने का निर्णय लिया।

उन्होंने बौद्ध धर्म के सिद्धांतों को अपना कर अपने शासन में न्याय, सहिष्णुता और धर्म का प्रचार किया। अशोक के शिलालेखों में भी बौद्ध नैतिकता की बातें मिलती हैं।

सांची का स्तूप

📚 NCERT के अनुसार – सांची का स्तूप

13. 🏛️ सांची का स्तूप किससे संबंधित है?

सांची का स्तूप बौद्ध धर्म से संबंधित है। यह भारत के मध्य प्रदेश राज्य के सांची कस्बे में स्थित है।

यह स्तूप मौर्य सम्राट अशोक के शासनकाल (लगभग 3री शताब्दी ईसा पूर्व) में निर्मित हुआ था और यह बौद्ध धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है।

सांची का मुख्य स्तूप बुद्ध के अवशेषों को समर्पित माना जाता है, और यहाँ कई सुंदर झरोखेदार गेटवे (toranas) और चित्रकारी भी हैं जो बौद्ध कथा और शिक्षाओं को दर्शाते हैं।

यह स्थल UNESCO विश्व धरोहर स्थल के रूप में भी मान्यता प्राप्त है और भारतीय स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

गुप्त काल – स्वर्ण युग

📚 NCERT के अनुसार – गुप्त काल को 'स्वर्ण युग' क्यों कहा जाता है?

14. ✨ गुप्त काल को 'स्वर्ण युग' क्यों कहा जाता है?

गुप्त काल (लगभग 4ठी से 6ठी सदी ईस्वी तक) को भारतीय इतिहास में 'स्वर्ण युग' कहा जाता है क्योंकि इस काल में कला, विज्ञान, साहित्य, और सांस्कृतिक गतिविधियों में अभूतपूर्व उन्नति हुई।

इस काल में प्रमुख कवि और विद्वान जैसे कालिदास, चाणक्य और वाराहमिहिर ने अपने अद्भुत योगदान दिए। वास्तुकला, मूर्तिकला, और चित्रकला के क्षेत्र में भी इस समय कई महान कार्य हुए।

गुप्त शासकों ने एक समृद्ध और सुव्यवस्थित प्रशासन चलाया, जिससे आर्थिक समृद्धि और सामाजिक स्थिरता बनी रही। विज्ञान और गणित में भी इस काल में महत्वपूर्ण खोजें हुईं, जैसे शून्य का प्रयोग।

इस काल की विशेषता है कि यहाँ धार्मिक सहिष्णुता भी थी, जहां विभिन्न धर्मों का संरक्षण और प्रोत्साहन हुआ।

आर्यभट और वराहमिहिर - प्रसिद्ध विद्वान

📚 NCERT के अनुसार – आर्यभट और वराहमिहिर

15. 👨‍🏫 आर्यभट और वराहमिहिर किस काल के प्रसिद्ध विद्वान थे?

आर्यभट और वराहमिहिर दोनों गुप्त काल (लगभग 4ठी से 6ठी शताब्दी ईस्वी) के प्रसिद्ध विद्वान थे।

आर्यभट गणित और खगोल विज्ञान के क्षेत्र में महान विद्वान थे। उन्होंने शून्य और दशमलव प्रणाली का विकास किया, और ग्रहों की गति पर महत्वपूर्ण अध्ययन किया।

वराहमिहिर भी गणित, खगोल विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में विशेषज्ञ थे। उनका प्रसिद्ध ग्रंथ 'पंचसिद्धांत' और 'बृहत्तसंहिता' महत्वपूर्ण ग्रंथ हैं।

इन विद्वानों ने भारतीय वैज्ञानिक और गणितीय ज्ञान को एक नई ऊँचाई पर पहुँचाया, जिसका प्रभाव विश्वभर में महसूस किया गया।

हर्षवर्धन की राजधानी

📚 NCERT के अनुसार – हर्षवर्धन की राजधानी

16. 🏰 हर्षवर्धन की राजधानी कहाँ थी?

प्राचीन भारत के प्रसिद्ध सम्राट हर्षवर्धन की राजधानी नालंदा थी।

नालंदा वर्तमान बिहार राज्य में स्थित एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्र था। यहाँ विश्वविद्यालय भी था, जो उस समय शिक्षा का प्रमुख

बौद्ध धर्म के त्रिरत्न

📚 NCERT के अनुसार – बौद्ध धर्म के त्रिरत्न

17. ☸️ बौद्ध धर्म के त्रिरत्न क्या हैं?

बौद्ध धर्म के त्रिरत्न (Three Jewels or Triple Gem) निम्नलिखित हैं:

  • बुद्ध – जो जाग्रत और प्रेरक गुरु हैं।
  • धर्म – बुद्ध के द्वारा बताए गए उपदेश और सच्चाई का मार्ग।
  • संघ – बुद्ध के अनुयायियों का समुदाय, जो धर्म का पालन करते हैं।

त्रिरत्न को स्वीकार कर बौद्ध धर्म के अनुयायी अपने जीवन में शांति और मोक्ष की ओर बढ़ते हैं।

बौद्ध परिषदों की संख्या

📚 NCERT के अनुसार – बौद्ध परिषदों की संख्या

18. 🕉️ बौद्ध परिषदों की कुल संख्या कितनी थी?

बौद्ध धर्म के इतिहास में कुल चार प्रमुख बौद्ध परिषदें हुई थीं।

ये परिषदें बुद्ध के उपदेशों को संकलित करने, उनका संरक्षण करने और धर्म की शुद्धता बनाए रखने के लिए आयोजित की गई थीं।

प्रथम परिषद से लेकर चतुर्थ परिषद तक का क्रम बौद्ध धर्म के विकास में महत्वपूर्ण था।

अजंता-एलोरा की गुफाएँ

📚 NCERT के अनुसार – अजंता-एलोरा की गुफाएँ

19. 🏞️ अजंता-एलोरा की गुफाएँ किस धर्म से संबंधित हैं?

अजंता और एलोरा की गुफाएँ मुख्य रूप से बौद्ध धर्म, जैन धर्म और हिंदू धर्म से संबंधित हैं।

अजंता की गुफाएँ विशेष रूप से बौद्ध धर्म से जुड़ी हैं, जहां बौद्ध भिक्षुओं के लिए विहार और मंदिर बनाए गए थे। इन गुफाओं में बौद्ध चित्रकला और मूर्तिकला की उत्कृष्ट कला देखने को मिलती है।

वहीं, एलोरा की गुफाएँ तीन धर्मों के संगम का प्रतीक हैं — यहाँ बौद्ध, जैन और हिंदू गुफाएँ मौजूद हैं। यह वास्तुकला और धार्मिक सहिष्णुता का अद्भुत उदाहरण है।

नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना

📚 NCERT के अनुसार – नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना

20. 🏫 नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना किसने की थी?

प्राचीन भारत के महान शासक सम्राट कुमारगुप्त प्रथम ने 5वीं सदी ईस्वी में नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना की थी।

नालंदा विश्वविद्यालय शिक्षा, वेदांत, बुद्ध धर्म, न्याय, आयुर्वेद, गणित, खगोल विज्ञान, और अन्य विषयों का एक प्रमुख केंद्र था।

यह विश्वविद्यालय न केवल भारत से बल्कि विदेशों से भी विद्यार्थियों और विद्वानों को आकर्षित करता था। चीनी यात्री ह्युएन त्सांग ने भी यहाँ शिक्षा ग्रहण की थी।

प्राचीन भारत प्रश्नोत्तरी
1. सिन्धु घाटी सभ्यता किस युग की थी?
उत्तर: कांस्य युग
🔎 क्योंकि वहाँ से कांस्य के औजार और मूर्तियाँ प्राप्त हुई हैं।
2. हड़प्पा की खोज किसने की थी?
उत्तर: दयाराम साहनी
🔎 1921 में उन्होंने हड़प्पा की खुदाई की थी।
3. मोहनजोदड़ो का अर्थ क्या है?
उत्तर: मृतकों का टीला
🔎 यह नाम सिन्धी भाषा से लिया गया है।
4. वैदिक सभ्यता का मुख्य देवता कौन था?
उत्तर: इंद्र
🔎 ऋग्वेद में इंद्र को सबसे शक्तिशाली देवता बताया गया है।
5. वेदों की संख्या कितनी है?
उत्तर: चार
🔎 ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद।
6. बौद्ध धर्म के संस्थापक कौन थे?
उत्तर: गौतम बुद्ध
🔎 जिन्होंने मध्यम मार्ग का उपदेश दिया।
7. बुद्ध का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर: लुम्बिनी
🔎 यह स्थान वर्तमान नेपाल में है।
8. महावीर का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर: कुंडग्राम
🔎 जो वैशाली (बिहार) के पास था।
9. महावीर का वास्तविक नाम क्या था?
उत्तर: वर्धमान
🔎 वे क्षत्रिय कुल में जन्मे थे।
10. चंद्रगुप्त मौर्य का गुरु कौन था?
उत्तर: चाणक्य
🔎 उन्हें कौटिल्य या विष्णुगुप्त भी कहा जाता है।
11. अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद किस धर्म को अपनाया?
उत्तर: बौद्ध धर्म
🔎 उन्होंने हिंसा का त्याग किया।
12. सांची का स्तूप किसने बनवाया?
उत्तर: अशोक
🔎 यह उनके धर्म प्रचार का हिस्सा था।
13. मौर्य वंश की स्थापना किसने की?
उत्तर: चंद्रगुप्त मौर्य
🔎 उन्होंने नंद वंश का अंत किया।
14. कौटिल्य का प्रसिद्ध ग्रंथ कौन सा है?
उत्तर: अर्थशास्त्र
🔎 यह राजनीति और अर्थनीति पर आधारित है।
15. बुद्ध ने पहला उपदेश कहाँ दिया?
उत्तर: सारनाथ
🔎 इसे धर्मचक्र प्रवर्तन कहा गया।
16. बौद्ध धर्म की प्रथम संगति कहाँ हुई थी?
उत्तर: राजगृह
🔎 यह बुद्ध के परिनिर्वाण के बाद हुई थी।
17. त्रिरत्न कौन से हैं?
उत्तर: बुद्ध, धर्म, संघ
🔎 बौद्ध धर्म के आधार स्तंभ हैं।
18. महाजनपदों की संख्या कितनी थी?
उत्तर: 16
🔎 यह जानकारी बौद्ध और जैन ग्रंथों में मिलती है।
19. आर्यभट्ट कौन थे?
उत्तर: गणितज्ञ और खगोलशास्त्री
🔎 उन्होंने 'आर्यभटीय' ग्रंथ की रचना की।
20. पतंजलि ने किस ग्रंथ की रचना की?
उत्तर: योगसूत्र
🔎 यह योग दर्शन का मुख्य ग्रंथ है।
21. कालिदास किसके दरबार में थे?
उत्तर: विक्रमादित्य
🔎 वे संस्कृत के महान कवि थे।
22. हर्षवर्धन की राजधानी क्या थी?
उत्तर: कन्नौज
🔎 उन्होंने उत्तर भारत पर शासन किया।
23. नालंदा विश्वविद्यालय कहाँ था?
उत्तर: बिहार
🔎 यह प्राचीन भारत का प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान था।
24. इलाहाबाद स्तंभ लेख किससे संबंधित है?
उत्तर: समुद्रगुप्त
🔎 इसमें उनकी विजयों का वर्णन है।
25. गुप्त वंश का महानतम शासक कौन था?
उत्तर: समुद्रगुप्त
🔎 उन्हें भारत का नेपोलियन कहा जाता है।
26. प्रयाग प्राशस्ति किसने लिखी?
उत्तर: हरिषेण
🔎 वे समुद्रगुप्त के दरबारी कवि थे।
27. अश्वमेध यज्ञ किसने किया?
उत्तर: समुद्रगुप्त
🔎 इससे उनकी साम्राज्य शक्ति सिद्ध होती है।
28. विक्रम संवत की शुरुआत कब हुई?
उत्तर: 57 ईसा पूर्व
🔎 यह विक्रमादित्य के नाम से जुड़ी है।
29. यूनानी राजदूत मेगस्थनीज ने कौन सी पुस्तक लिखी?
उत्तर: इंडिका
🔎 इसमें मौर्यकालीन भारत का वर्णन है।
30. नंद वंश के अंतिम शासक का नाम क्या था?
उत्तर: घनानंद
🔎 चाणक्य ने चंद्रगुप्त मौर्य को उससे लड़वाया।
31. हड़प्पा सभ्यता का प्रमुख व्यापार क्या था?
उत्तर: मृदभांड निर्माण
🔎 मिट्टी के बर्तन और मोतियों का व्यापार बहुत विकसित था।
32. सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि कौन सी थी?
उत्तर: अविकसित चित्रलिपि
🔎 यह लिपि आज तक पूर्णतः पढ़ी नहीं जा सकी है।
33. सबसे बड़ा महाजनपद कौन सा था?
उत्तर: मगध
🔎 मगध राजनीतिक और सैन्य दृष्टि से सबसे शक्तिशाली था।
34. बुद्ध का महापरिनिर्वाण कहाँ हुआ था?
उत्तर: कुशीनगर
🔎 यह उत्तर प्रदेश में स्थित है।
35. जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर कौन थे?
उत्तर: ऋषभदेव
🔎 जैन मान्यताओं के अनुसार वे प्रथम तीर्थंकर थे।
36. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर कौन थे?
उत्तर: महावीर
🔎 उन्होंने जैन धर्म को संगठित रूप दिया।
37. बौद्ध धर्म का प्रमुख ग्रंथ कौन सा है?
उत्तर: त्रिपिटक
🔎 यह पाली भाषा में रचित है।
38. गौतम बुद्ध को ज्ञान कहाँ प्राप्त हुआ?
उत्तर: बोधगया
🔎 बोधगया बिहार में स्थित है।
39. बौद्ध धर्म में पंचशील क्या है?
उत्तर: पांच नैतिक सिद्धांत
🔎 सत्य, अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह।
40. हड़प्पा सभ्यता के लोग किस देवता की पूजा करते थे?
उत्तर: पशुपति
🔎 शिव के प्रारंभिक रूप को पशुपति कहा गया है।
41. चंद्रगुप्त मौर्य ने किसके साथ संधि की थी?
उत्तर: सेल्यूकस निकेटर
🔎 उन्होंने राजनयिक संबंध स्थापित किए थे।
42. मौर्य काल में सबसे प्रसिद्ध यात्री कौन था?
उत्तर: मेगस्थनीज
🔎 वह सेल्यूकस का राजदूत था।
43. अशोक के अभिलेख किस भाषा में हैं?
उत्तर: प्राकृत
🔎 अधिकतर अभिलेख ब्राह्मी लिपि में हैं।
44. किसने अशोक के अभिलेखों को पढ़ा?
उत्तर: जेम्स प्रिंसेप
🔎 उन्होंने ब्राह्मी लिपि को समझा।
45. गुप्तकाल को किस युग के नाम से जाना जाता है?
उत्तर: स्वर्ण युग
🔎 कला, विज्ञान और साहित्य का उत्कर्ष हुआ।
46. अजंता की गुफाएं किस धर्म से संबंधित हैं?
उत्तर: बौद्ध धर्म
🔎 यह गुफाएं चित्रकला के लिए प्रसिद्ध हैं।
47. गुप्त वंश की मुद्रा पर कौन अंकित होता था?
उत्तर: राजा की छवि
🔎 इससे मुद्रा की वैधता प्रमाणित होती थी।
48. नालंदा विश्वविद्यालय किसके समय प्रसिद्ध हुआ?
उत्तर: हर्षवर्धन
🔎 उन्होंने इसके विकास में योगदान दिया।
49. कुमारसंभव और रघुवंश के लेखक कौन थे?
उत्तर: कालिदास
🔎 वे संस्कृत के महान कवि थे।
50. महाभारत किसने रचा?
उत्तर: वेदव्यास
🔎 इसे संस्कृत का महाकाव्य माना जाता है।
51. रामायण के रचयिता कौन थे?
उत्तर: वाल्मीकि
🔎 उन्हें आदिकवि भी कहा जाता है।
52. अशोक का शेर स्तंभ कहाँ स्थित है?
उत्तर: सारनाथ
🔎 यह भारत का राष्ट्रीय प्रतीक है।
53. बौद्ध भिक्षु किस वस्त्र को पहनते थे?
उत्तर: संघाति
🔎 यह पीला वस्त्र उनका धार्मिक चिन्ह है।
54. किस शासक ने सर्वोच्च शिखर तक मौर्य साम्राज्य पहुँचाया?
उत्तर: अशोक
🔎 उन्होंने दक्षिण भारत तक विस्तार किया।
55. गुप्त शासक समुद्रगुप्त को क्या कहा जाता है?
उत्तर: भारत का नेपोलियन
🔎 उनकी विजयों के कारण यह उपाधि दी गई।
56. बौद्ध धर्म में चार आर्य सत्य क्या हैं?
उत्तर: दुःख, कारण, निरोध, मार्ग
🔎 यह बुद्ध के उपदेशों का सार हैं।
57. भारत में सिक्कों की शुरुआत किसने की?
उत्तर: महाजनपद काल
🔎 सबसे पहले पंचमार्क सिक्के प्रचलन में आए।
58. प्रथम ज्ञात स्त्री कवि कौन थी?
उत्तर: अपाला
🔎 वे ऋग्वेद की कवयित्री थीं।
59. वैदिक यज्ञों में प्रमुख अग्नि कौन थी?
उत्तर: गृह्य अग्नि
🔎 यह घरेलू यज्ञों में प्रयुक्त होती थी।
60. संस्कृत का प्रथम नाटक कौन सा माना जाता है?
उत्तर: मृच्छकटिक
🔎 शूद्रक द्वारा रचित यह नाटक प्राचीन है।
61. प्रारंभिक भारतीय कांस्य युग की प्रमुख सभ्यता कौन सी थी?
उत्तर: हरप्पा सभ्यता
🔎 यह सभ्यता लगभग 3300 से 1300 ईसा पूर्व तक फैली थी।
62. वैदिक काल में प्रमुख सामाजिक व्यवस्था क्या थी?
उत्तर: वर्ण व्यवस्था
🔎 समाज को ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र वर्गों में बाँटा गया था।
63. महाभारत युद्ध कहाँ हुआ था?
उत्तर: कुरुक्षेत्र
🔎 यह युद्ध भारत के सबसे प्रसिद्ध महाकाव्य का मुख्य प्रसंग है।
64. मोहनजोदड़ो में किस प्रकार का जल निकास व्यवस्था थी?
उत्तर: आधुनिक सीवर सिस्टम
🔎 हर घर से जुड़ा हुआ जल निकास नालियों का जाल था।
65. गुप्त साम्राज्य का संस्थापक कौन था?
उत्तर: श्रीगुप्त
🔎 उन्होंने गुप्त वंश की नींव रखी थी।
66. राजा अशोक ने किस युद्ध के बाद बौद्ध धर्म स्वीकार किया?
उत्तर: कलिंग युद्ध
🔎 इस युद्ध में हुए रक्तपात से वे प्रभावित हुए।
67. बौद्ध धर्म का मुख्य लक्ष्य क्या है?
उत्तर: निर्वाण प्राप्त करना
🔎 दुःख से मुक्ति पाकर शांति की स्थिति को निर्वाण कहते हैं।
68. वेदों में से सबसे पुराना वेद कौन सा है?
उत्तर: ऋग्वेद
🔎 इसे सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण वेद माना जाता है।
69. जैन धर्म के अनुयायी किसे मानते हैं?
उत्तर: तीर्थंकर
🔎 तीर्थंकर आध्यात्मिक गुरु होते हैं।
70. मौर्य साम्राज्य की राजधानी कहाँ थी?
उत्तर: पाटलिपुत्र
🔎 यह वर्तमान बिहार राज्य में स्थित है।
71. 'अर्थशास्त्र' ग्रंथ के लेखक कौन थे?
उत्तर: कौटिल्य (चाणक्य)
🔎 यह प्राचीन भारत का राजनीतिक और आर्थिक ग्रंथ है।
72. नालंदा विश्वविद्यालय किसके शासनकाल में प्रसिद्ध हुआ?
उत्तर: गुप्त साम्राज्य
🔎 यह विश्व का पहला प्रमुख विश्वविद्यालय था।
73. महाजनपदों की संख्या कितनी थी?
उत्तर: 16
🔎 ये प्राचीन भारत के बड़े राज्यों या क्षेत्र थे।
74. कालिदास का प्रसिद्ध नाटक कौन सा है?
उत्तर: अभिज्ञानशाकुंतलम्
🔎 यह संस्कृत साहित्य का उत्कृष्ट नाटक माना जाता है।
75. मौर्य साम्राज्य का अंतिम शासक कौन था?
उत्तर: ब्रह्मदत्त
🔎 उसने मौर्य साम्राज्य को उत्तर भारत में संचालित किया।
76. वैदिक साहित्य में उपनिषदों का स्थान क्या है?
उत्तर: दर्शन और तत्त्वज्ञान
🔎 उपनिषद वेदों का अंतिम और गूढ़ भाग हैं।
77. चंद्रगुप्त मौर्य ने किसके साथ मित्रता की थी?
उत्तर: सेल्युकस निकेटर
🔎 इस मित्रता से मौर्य साम्राज्य का विस्तार हुआ।
78. महावीर का जन्म कब हुआ था?
उत्तर: लगभग 599 ईसा पूर्व
🔎 वे जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे।
79. आर्यभट्ट ने किस क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया?
उत्तर: गणित और खगोल विज्ञान
🔎 उन्होंने शून्य और दशमलव पद्धति पर काम किया।
80. संस्कृत के प्रथम नाटककार कौन थे?
उत्तर: शूद्रक
🔎 उनका प्रसिद्ध नाटक 'मृच्छकटिक' है।
81. गुप्त वंश के शासक समुद्रगुप्त को क्या उपाधि मिली?
उत्तर: भारत का नेपोलियन
🔎 उनकी विजय और प्रशासन कुशलता के कारण।
82. अजंता और एलोरा की गुफाएं किसके द्वारा बनाई गईं?
उत्तर: बौद्ध और हिन्दू राजाओं द्वारा
🔎 ये गुफाएं कला और धर्म की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
83. वर्धमान महावीर का धर्म क्या था?
उत्तर: जैन धर्म
🔎 जैन धर्म में अहिंसा का विशेष महत्व है।
84. रामायण के लेखक कौन थे?
उत्तर: वाल्मीकि
🔎 उन्हें आदिकवि भी कहा जाता है।
85. महाभारत के रचयिता कौन थे?
उत्तर: वेदव्यास
🔎 वेदव्यास ने इस महाकाव्य को लिखा।
86. बौद्ध धर्म के तीन मुख्य स्तम्भ कौन से हैं?
उत्तर: बुद्ध, धर्म, संघ
🔎 इन्हें त्रिरत्न भी कहा जाता है।
87. हर्षवर्धन की राजधानी क्या थी?
उत्तर: कन्नौज
🔎 हर्ष ने इसे अपने साम्राज्य का केंद्र बनाया।
88. गुप्त काल में कला और साहित्य का कौन सा युग था?
उत्तर: स्वर्ण युग
🔎 यह युग विज्ञान, कला, साहित्य के लिए प्रसिद्ध है।
89. अशोक के धर्म परिवर्तन के बाद किस धर्म का प्रचार किया?
उत्तर: बौद्ध धर्म
🔎 अशोक ने अहिंसा और धर्म की बातें फैलाईं।
90. नालंदा विश्वविद्यालय कहाँ स्थित था?
उत्तर: बिहार
🔎 यह प्राचीन भारत का प्रमुख शिक्षा केंद्र था।
91. कौटिल्य ने किस शासक को सलाह दी थी?
उत्तर: चंद्रगुप्त मौर्य
🔎 उन्होंने अर्थशास्त्र में नीति दी।
92. वैदिक काल में धार्मिक कर्मकांड कहाँ किए जाते थे?
उत्तर: यज्ञशालाओं में
🔎 यज्ञ वेदों के अनुसार महत्वपूर्ण थे।
93. बौद्ध धर्म के चार आर्य सत्य क्या हैं?
उत्तर: दुःख, कारण, निरोध, मार्ग
🔎 ये बुद्ध के उपदेशों के मूल सिद्धांत हैं।
94. गुप्त साम्राज्य का सबसे प्रसिद्ध शासक कौन था?
उत्तर: चंद्रगुप्त द्वितीय
🔎 उन्होंने साम्राज्य को सबसे ऊँचा पहुंचाया।
95. वैदिक साहित्य में 'मनुस्मृति' किस विषय पर है?
उत्तर: सामाजिक और धार्मिक कानून
🔎 यह प्राचीन भारतीय समाज के नियम बताती है।
96. अजंता की गुफाएं किस काल की हैं?
उत्तर: गुप्त काल
🔎 ये बौद्ध चित्रकला के उदाहरण हैं।
97. मौर्य शासन व्यवस्था का केंद्र क्या था?
उत्तर: पाटलिपुत्र
🔎 यह साम्राज्य की राजधानी थी।
98. महावीर ने जैन धर्म में क्या महत्व दिया?
उत्तर: अहिंसा और तपस्या
🔎 जैन धर्म में ये मूल सिद्धांत हैं।
99. अशोक के काल में किस धर्म को बढ़ावा मिला?
उत्तर: बौद्ध धर्म
🔎 अशोक ने इस धर्म का प्रचार-प्रसार किया।
100. रामायण और महाभारत किस भाषा में लिखे गए हैं?
उत्तर: संस्कृत
🔎 ये प्राचीन भारतीय महाकाव्य संस्कृत में हैं।

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